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घुटनों के दर्द से राहत पाने के घरेलू उपाय

 
घुटनों के दर्द से राहत पाने के घरेलू उपाय

घुटनों का दर्द :-


मारे शरीर पूरी तरह से हड्डियों के माध्यम से बनाना है । रोजाना हम अपने कामों में हाथ और पैरों का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए हमारी हड्डियों और जोड़ों का मजबूत होना बहुत आवश्यक है परंतु आजकल के युवाओं और बच्चों में हड्डियों और जोड़ों में दर्द की अधिक शिकायत पाई जाती है। लेकिन जो अधिक उम्र  के हो जाते हैं उनमें घुटनों और जोड़ों में दर्द होना आम बात हो जाती है। परंतु अगर हम सही तरह से खाना खाएं और व्यायाम करें तो हड्डियों और जोड़ों के दर्द को दूर कर सकते हैं।


घुटनों में क्यों दर्द होता है :-


  • लंबे समय तक घुटने पर काम करते रहना।
  • कोटा में गहरी चोट लगा हुआ हो।
  • फोटो के अंदर दर्द होना।
  • हड्डियों के बीच में घिस गया होता तो दर्द शुरू हो जाती है।
  • चलते वक्त मोच आना या झटके लग जाना।


घुटनों के दर्द के लिए कुछ घरेलू उपाय :-


  • अधिक समय तक करो पर दबाव बना दे।
  • सुबह खाली पेट अखरोट को खाए।
  • अरंड के पत्ते और मेहंदी पीसकर घुटनों में लगाने से दर्द कम हो जाती है।
  • कोच के बीज और दूध मिलाकर कुछ महीने तक ले।
  • गुनगुना पानी से हमेशा मालिश करें।
  • अधिक दर्द होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
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गठिया से कैसे बचे

 
गठिया से कैसे बचे

गठिया क्या है :-

ठिया को हम अर्थराइटिस भी कहते है। जब हमारे शरीर के कुछ हिस्सों के जोड़ों में सूजन होती है तब हम उसे गठिया कहते है। धीरे धीरे यह हमारे शरीर के दूसरे जोड़ों में भी प्रभाव डालती है। अधिकांश यह अधिक उम्र वालों में देखा जाता है पर आजकल के दैनिक जीवन के कारण बच्चों पुरुषों और युवाओं में भी या खतरा बना रहता है। पुरुषों के मुकाबलों में महिलाओं को  होने का खतरा अधिक होता है।

 गठिया होने का कारण :-

  •  जेनेटिक डिसऑर्डर(genetic disorder), अगर आपके परिवार में किसी को या बीमारी हुई है वह तो अधिक खतरा होता है कि आने वाले बच्चों को या हो सकती है।
  • उम्र के बढ़ने के कारण से गठिया होने का खतरा बढ़ जाता है।
  •  हारमोंस के कारण भी  गठिया  हो सकती है।


गठिया का पचाने के लक्षण :-


  • मांसपेशियों में हमेशा दर्द बना रहना।
  • थोड़ी देर काम करने चलने के बाद थकान हो जाती। 
  • वजन घटने लगती है।
  • जोड़ों में दर्द और सूजन होने लगती है।
  • सही प्रकार से किसी भी काम को करने के बाद दर्द बढ़ जाता है।


गठिया से बचने के लिए घरेलू उपाय :-


  • हमेशा काम करते रहिए पर याद रखें जुड़ा में अधिक दबाव ना पड़े।
  • कोशिश करें कि वजन में बढ़ोतरी ना होने दें।
  • जोड़ों में गुनगुने पानी डालें जिससे दर्द से राहत मिलेगी।
  • अजवाइन मालकांगनी काला दाना सबको बराबर से मिला लें और पीस लें गोला बना के रोजाना इसे दूध के साथ लें।
  • डॉक्टर से समय पर मिलते रहे।
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वसा क्या है

  
वसा क्या है



वसा क्या है :-

जिस प्रकार हमारे शरीर को पूरी तरह से स्वस्थ रखने के लिए विटामिन कार्बोहाइड्रेट इत्यादि का बहुत जरूरी होता है। उसी प्रकार हमारे शरीर को चिकनाई को बनाऐ रखने में वासा बहुत योगदान देता हैं। वसा मांस तथा पेड़ पौधे दोनों समूह में पाए जाते हैं जिससे शरीर को शक्ति मिलती है। माना जाता है कि प्रतिदिन हर एक व्यक्ति को 100 ग्राम का वसा का उपयोग करना चाहिए और यह बहुत ही जरूरी है परंतु भाषा बहुत ही देर से पचती है। शरीर में अधिक मात्रा में वसा का होना भी हानिकारक साबित होता है अगर इसे सही पूर्वक लिया जाए तो शरीर को दैनिक जीवन में बहुत ही स्वस्थ रखता  हैं। हमारे शरीर को इस  प्रकार से बनाया गया है जिसमें ना ही कुछ ले सकते हैं और ना ही ज्यादा ले सकते हैं। इसलिए रोजाना हमें वसा का लेना बहुत ही आवश्यक होता है।
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प्रोटीन के फायदे

प्रोटीन के फायदे

 

प्रोटीन क्या है

शरीर को स्वस्थ रखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका प्रोटीन निभाती है यह हमारे कोशिकाओं को विकसित करने में अहम भूमिका निभाती है क्योंकि प्रोटीन में कार्बन हाइड्रोजन ऑक्सीजन नाइट्रोजन और ग्लूकोज होती है प्रोटीन को हम दो प्रकार से अपने शरीर में ले सकते हैं जब हम फल या सब्जी खास खाते हैं और दूसरी जब हम मांस खाते हैं रोजाना हम अपने शरीर में प्रोटीन देने में सफल हो पाते हैं और कुछ नहीं भी जिससे हमें बहुत सारी बीमारियां या फिर बहुत सारे कमजोरी महसूस होती हैहमारे शरीर को सीमित मात्रा में प्रोटीन की आवश्यकता होती है अधिक होने पर या हमारे शरीर में उपयोग नहीं होती है और प्रोटीन माल बन के निकल जाती है डब्ल्यूएचओ के अनुसार 1 किलोग्राम के वजन के मनुष्य को 1 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है जैसे एक मनुष्य का वजन 50 केजी है तो उसे प्रतिदिन 50 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होगी ना ही उससे अधिक और ना ही उससे कम जिससे शरीर स्वस्थ रहेगा :-

 कुछ महत्वपूर्ण जानकारी 

 

महत्वपूर्ण                       प्रोटीन

पनीर 100 ग्राम.                                                    31 ग्राम
कद्दू का बीज 100 ग्राम.                                      25 से 27 ग्राम
झींगा 250 ग्राम.                                                    20 22  ग्राम
अनार 100  ग्राम                                                   2.5. 3.0 ग्राम
केला                                                                    2.3  3.0 ग्राम
टमाटर.                                                                2.4  ग्राम
पालक.                                                                 3.0 ग्राम
साग.                                                                     3.5 ग्राम
नारियल.                                                                3.6 ग्राम
दूध 1 गिलास.                                                         3.4 3.8              
अखरोट.                                                                  4.9 ग्राम
मटर.                                                                       6.5 ग्राम
छेना.½ कप                                                              12.6 ग्राम
पास्ता.                                                                      12.5 ग्राम
अंडा.                                                                        12.5 ग्राम
काजू ½                                                                      4  ग्राम
मूंगफली का मक्खन ½.                                               8 9 ग्राम
मछली का टिक्का 6pic.                                               43 ग्राम
मुर्गे का सीना.   4pic                                                   30 ग्राम


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दमा(अस्थमा)क्यों होता है

 
दमा क्यों होता है

 

 

दमा(अस्थमा)क्यों होता है :-

वर्तमान काल में जिस प्रकार पूरी दुनिया विकासशील की ओर बढ़ रहा है । और जिस प्रकार आजकल टेक्निक्स हमारे  प्रति दिन के कामों को आसान बना रहे बहुत सारे ऐसे टेक्निक्स है जिससे प्रदूषण निकलता हैं जैसे मोटर बाइक्स कार्स और बहुत सारे जिससे हमारे शरीर में बहुत बीमारियां होती है । उनमें से एक बीमारी दमा अस्थमा है जब सांस के नली में ऑक्सीजन पूरी तरह से अंदर नहीं जा पाता है और जिस से हमारे शरीर को ऑक्सीजन की कमी होती है उस समय अस्थमा का अटैक आता है ।


दमा(अस्थमा) के लक्षण

:-

  • सांस लेने में हमेशा तकलीफ होता है ।
  • सीने में दर्द की शिकायत ।
  • खांसी में कफ का उत्पन्न होना ।
  • कब हमेशा बना रहना ।
  • सांस लेते वक्त घर घर की आवाज आते रहना ।

दमा(अस्थमा)किस कारण से होती है

:-

  • दमाद के होने का बहुत से कारण हो सकता है खासकर के मौसम पदार्थ और दवाइयों की एलर्जी से होती है।
  • वायु प्रदूषण।
  • धूल के कणों से एलर्जी होना।
  • मौसम में बदलाव के कारण या ठंडी हवा का असर पढ़ना ।
  • सिगरेट के धोखे से दमा होने की संभावना बढ़ जाती है ।
  • परफ्यूम जैसे खुशबू के एलर्जी के कारण से दमा हो सकती है।

दमा(अस्थमा)के लिए घरेलू उपाय

:-


  • सूखा आंवला और मुलेठी को अलग-अलग पीसकर बारीक चूर्ण से बनाए और फिर उन्हें मिलाकर रख लें और उसे रोजाना खाएं ।
  • गर्म पानी और गर्म दूध पिलाने से कब पतला हो जाता है ।
  • कुछ बदामा को पीसकर अकबर कुछ देर तक उबालें और उसे खाएं दमा का दौरा कम हो जाएगी ।
  • अंगूर के रस को गर्म करके पिलाएं ।

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कोरोना वायरस से कैसे बचें



क्या है कोरोनावायरस :-


यह वायरस जिसमें आपको जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ होने तक की समस्या हो सकती है । यह वायरस सबसे पहले चीन के वुहान शहर  में पाया गया था आपको  बताते चलें कि यह चीन का वही शहर है जिस शहर में जानवर के सभी प्रकार के मांस  मिलता हैं और यह भी कहा जा रहा है कि यह कोरोनावायरस वहीं से फैल रही है ।
अभी तक के रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस पूरे विश्व में फेल रही हैअभी तक के रिपोर्ट के अनुसार पूरे विश्व भर में 4600 से अधिक व्यक्ति मर चुके हैं। डब्ल्यूएचओ ने इसे महामारी घोषित कर दिया है।

 वायरस के लक्षण :-


  • बुखार आना ।
  • जुखाम हो जाना ।
  • सांस लेने में तकलीफ होना ।
  • नाक का बहते रहना ।
  • गले में खराश हो जाना ।


बचाव कैसे करें :-



  • हाथों को अच्छे से साबुन से धोना है।
  • खंसते या जुखाम के समय रुमाल का इस्तेमाल जरूर करें।
  • जिस व्यक्ति को बुखार हो या जुखाम उससे दूरी बना कर रहे ।
  • ऐसे जब भी निकले नाप को ढक कर रखें ।


भारत सरकार के तरफ से यह सूचना दिया गया है कि अगर किसी व्यक्ति को कोरोना वायरस के लक्षण होने का शंका प्राप्त हो रही है तो वह तत्काल इस नंबर पर संपर्क करें 011-239780 या फिर आप ncov2019@gmail.com पर जानकारी प्राप्त करें। 
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गला के बैठने से बचाव कैसे करे

गले का बैठ जाना  :-

गला के बैठने से बचाव कैसे करे



रोजाना हम बहुत लोगों से मिलते हैं जिससे हम मिलते हैं और बहुत सारी बातें करते हैं बातें करने वक्त सबसे ज्यादा असर हमारे गले पर पड़ता है जोकि धीरे-धीरे वाह बैठने लगता है अधिक बातें करने पर गला सूखा पड़ने लगता है और आवाज धीमी हो जाती है अभी देर तक बात करने पर गले में अधिक समय आने लगती है इसलिए आज हम जानेंगे कि किन गलतियों से हमारे गले अधिक समय के लिए बैठ जाता है या फिर सही तरीके बोल दे पाते हैं और बोलने वक्त हमारे गले से सही प्रकार से आवाज नहीं आती है ।



गला क्यों बैठता है :-
  • अगर आप अधिक धूम्रपान करते हैं तो गले बैठने का सबसे बड़ा कारण यह भी माना जाता है  ।
  • अधिक ठंडे पानी पीने से या शराब पीने से गला बैठ जाता है ।
  • सबसे अधिक गला बैठता हैं जब हमें जुखाम या सर्दी हो जाती है ।
  • किसी व्यक्ति से अधिक समय तक बातें करना चिल्लाना या कुछ और कारणों से गला बैठता है ।

गला बैठने से बचाव कैसे कर सकते हैं :-

  • अगर आपके गला बैठ गए हो तो आप 4 चार से छह काली मिर्च पतासो के साथ जब आकर सो जाएं सुबह तक आपके गले में बहुत आराम मिलेगा ।
  • ग्राम मुलहठी के चूर्ण को मुंह में रहकर कुछ देर छुपाते रहे फिर वैसे ही मुंह में रखकर सो जाए प्रतिदिन होने पर गला एकदम साफ मिलेगा
  • मराठी के चूर्ण को पान के पत्ते में रखकर दांतो से चबाकर चूसते रहें इससे गला खोलने के साथ-साथ गले का दर्द बहुत ही कम समय में समाप्त हो जाएगा और इससे आपको बहुत जल्द राहत मिलेगी

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